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होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ में है पीलिया का रामबाण इलाज
अंबाला, जागरण संवाददाता। खून में बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° बॠजाने के कारण तà¥à¤µà¤šà¤¾, नाखून और आंखों का सफेद à¤à¤¾à¤— पीला दिखने लगता है। ये पीलिया रोग के लकà¥à¤·à¤£ हैं। पीलिया से पीड़ित मरीज का समय पर इलाज ना हो तो रोगी को लंबें समय तक à¤à¥‡à¤²à¤¨à¤¾ पड़ता है। कई बार यह जानलेवा हो जाता है।
डा. सोमा चकà¥à¤°à¤µà¤°à¥à¤¤à¥€ कहतीं हैं कि इस रोग में लिवर कमजोर होकर काम करना बंद कर देता है। वैसे हर पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ में पीलिया रोग का इलाज है लेकिन आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ और होमियोपैथ में इसका रामबाण इलाज है। घरेलू उपचार à¤à¥€ इस रोग में आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤œà¤¨à¤• परिणाम देते हैं। बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ की अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• मातà¥à¤°à¤¾ होने से लिवर के काम करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ कमजोर हो जाती हैं। बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल जाता हैं जिससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को पीलिया रोग हो जाता है। बरसात के मौसम में पीने का पानी तथा खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ अकà¥à¤¸à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‚षित हो जाते हैं जिसका सेवन पीलिया रोग का कारण बन जाता है।
कà¥à¤¯à¤¾ है बिलीरà¥à¤¬à¥€à¤¨
यह पीले रंग का पदारà¥à¤¥ होता है जो रकà¥à¤¤ कोशिकाओं में पाया जाता है। लिवर इनको रकà¥à¤¤ से फिलà¥à¤Ÿà¤° कर देता है लेकिन लिवर में कà¥à¤› दिकà¥à¤•त होने के चलते जब यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ ठीक से नहीं हो पाती तो बिलीरà¥à¤¬à¥€à¤¨ बà¥à¤¨à¥‡ लगता है। इसी के चलते तà¥à¤µà¤šà¤¾ पीली नजर आने लगती है। लिवर में गड़बड़ी के कारण, बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ शरीर से बाहर नहीं निकलता है, और इससे पीलिया हो जाता है। इसके अलावा हेपेटाइटिस, पैंकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤œ का कैंसर, à¤à¤²à¥à¤•ोहल का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन, सड़क के किनारे की खà¥à¤²à¥€, दूषित वसà¥à¤¤à¥à¤à¤‚ और गंदा पानी पीने तथा कà¥à¤› दवाओं के चलते à¤à¥€ यह पीलिया रोग हो सकता है।
पीलिया के लकà¥à¤·à¤£
तà¥à¤µà¤šà¤¾, नाखून और आंख का सफेद हिसà¥à¤¸à¤¾ तेजी से पीला होना, फà¥à¤²à¥‚ जैसे लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देना- इसमें मितली आना, पेट दरà¥à¤¦, à¤à¥‚ख ना लगना और खाना ना हजम होना जैसे लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ दिखाई देते हैं। वजन घटना, गाà¥à¤¾ पीला पेशाब होना, लगातार थकान महसूस करना पीलिया के लकà¥à¤·à¤£ हैं। पीलिया जानलेवा नही है लेकिन इसकी अनेदखी जानलेवा हो सकती है।
घरेलू उपचार
गनà¥à¤¨à¥‡ का रसः यह पीलिया के इलाज में अतà¥à¤¯à¤‚त लाà¤à¤•ारी होता हैं। दिन में तीन से चार बार सिरà¥à¤« गनà¥à¤¨à¥‡ का रस पीया जाठतो इससे बहà¥à¤¤ ही लाठहोता हैं। सतà¥à¤¤à¥‚ खाकर गनà¥à¤¨à¥‡ का रस सेवन किया जाय तो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ à¤à¤° में ही पीलिया ठीक हो सकता है। गेहूं के दाने के बराबर सफेद चूना गनà¥à¤¨à¥‡ के रस में मिलाकर सेवन किया जाय तो जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ पीलिया दूर हो जाता है।
गिलोय, पपीता
गिलोय का रस शहद में मिलाकर सà¥à¤¬à¤¹-सà¥à¤¬à¤¹ सेवन करने से पीलिया रोग दूर होता है। इसके अलावा कचà¥à¤šà¥‡ व पके पपीते का सेवन à¤à¥€ पीलिया रोग में काफी लाà¤à¤ªà¥à¤°à¤¦ हेता है। कचà¥à¤šà¥‡ पपीते से बनी सबà¥à¤œà¥€ à¤à¥€ खा सकते हैं लेकिन इसमे मसालों का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें।
दही और छाछ
पीलिया रोग में दही का सेवन करने से लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम करने में बहà¥à¤¤ अधिक लाठपहà¥à¤‚चाता है। जीरा और सेंधा नमक इचà¥à¤›à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° इसमे मिला सकते हैं। इसके अलावा पीलिया रोग में रोज सà¥à¤¬à¤¹-शाम 1-1 गिलास छाछ या मटà¥à¤ ा में सेंधा नमक मिलाकर पिà¤à¤‚। छाछ, सेंधा नमक पीलिया जलà¥à¤¦à¥€ ठीक करने में सहायक है।
हलà¥à¤¦à¥€ से उपचार
हलà¥à¤¦à¥€ पीलिया रोग के उपचार के लिठबहà¥à¤¤ कारगर होती हैं। पीलिया होने पर आप à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š हलà¥à¤¦à¥€ को आधे गिलास पानी में मिला लें। इसे रोजाना दिन में तीन बार पिà¤à¤‚। इससे शरीर में मौजूद सà¤à¥€ विषाकà¥à¤¤ पदारà¥à¤¥ बाहर आ जायेंगे। यह नà¥à¤¸à¥à¤–ा बिलीरà¥à¤¬à¤¿à¤¨ को शरीर से बाहर करने में à¤à¥€ बहà¥à¤¤ मदद करता है। पीलिया के इलाज के लिठबहà¥à¤¤ ही आसान नà¥à¤¸à¥à¤–ा हैं। जिससे शरीर के खून की सफाई à¤à¥€ हो जाती हैं।
मूली का सेवन
5 तोला मूली के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का अरà¥à¤• निच़ोड़कर 1 तोला मिशà¥à¤°à¥€ मिला लें। इसे बासी मà¥à¤‚ह पियें। यह पीलिया का रामबाण इलाज है। मूली को पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ सहित पीसकर केवल रस निकाल लें। इसमें नींबू का रस 10 मि.ली., चीनी इचà¥à¤›à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° मिला लें। सब मिलाकर à¤à¤• कप की मातà¥à¤°à¤¾ में रोज सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट, à¤à¤µà¤‚ रात को सोने से पहले सेवन करायें। à¤à¤• सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में ही आशà¥à¤šà¤°à¥à¤¯à¤œà¤¨à¤• लाठहोता है।
टमाटर का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—
टमाटर में लाइकोपेन की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¤°à¤ªà¥‚र होती है। सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट टमाटर का रस लेने से लिवर सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ होता है। टमाटर को नरम बनाने के लिठपानी में कà¥à¤› टमाटर उबालें। अचà¥à¤›à¥‡ से उबल जाने के बाद टमाटर की छाल को अलग निकाल लें। टमाटर के अंदर के हिसà¥à¤¸à¥‡ को à¤à¤• बरà¥à¤¤à¤¨ में निकालें। इसे अचà¥à¤›à¥‡ से मिलाकर पी जाà¤à¤‚। पीलिया रोगी कà¥à¤› दिनों तक इसका सेवन करें।
पीलिया में कà¥à¤¯à¤¾ न करें
डा. वरà¥à¤®à¤¾ कहते हैं कि पीलिया के लकà¥à¤·à¤£ दिखने पर तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ अपनी दिनचरà¥à¤¯à¤¾ और खानपान में बदलाव लाà¤à¤‚। बाहर का खाना न खायें। à¤à¤• साथ पूरा खाना न खायें, थोड़ी थोड़ी देर के अंतराल पर खायें। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मिरà¥à¤š-मसालेदार तला, à¤à¥à¤¨à¤¾ खाना न खायें। मैदा आदि का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— ना करें। दाल और बींस न खाà¤à¤‚। ये लीवर पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बोठडालते हैं। हारà¥à¤¡à¤µà¤°à¥à¤• करने से बचें। शराब का सेवन न करें। पीलिया में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक वाली चीजें अचार आदि खाने से बचना चाहिà¤à¥¤ कॉफी या चाय का सेवन न करें, इसमे मौजूद कैफीन पीलिया रोग को आसानी से ठीक नही होने देता। पीलिया में दाल खाने से परहेज करना चाहिà¤, इससे आंतों में सूजन हो सकती है। मकà¥à¤–न, जंक फूड, मीट, अंडे, चिकन और मछली- पीलिया में कà¥à¤› पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ आहार (अंडा, मांस आदि) लेने से बचना चाहिà¤à¥¤ पीलिया के मरीज के लिठइन सà¤à¥€ चीजों को पचा पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है।
हेपेटाइटिस को à¤à¥€ जानें
हेपेटाइटिस बी à¤à¤¡à¥à¤¸ से à¤à¥€ कई गà¥à¤¨à¤¾ खतरनाक है। यह पीलिया का बिगड़ा हà¥à¤† रूप है। रोगी को समय से इलाज न मिलने या रोग की अनदेखी करने से यह हेपेटाइटिस बी का रूप ले लेता है जो जानलेवा हो सकता है। इसलिये पीलिया के लकà¥à¤·à¤£ दिखते ही खानपान और दिनचरà¥à¤¯à¤¾ में बदलाव लाते हà¥à¤¯à¥‡ तà¥à¤°à¤¨à¥à¤¤ चिकितà¥à¤¸à¤• से संपरà¥à¤• करना चाहिये।
होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ में अपार संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¯à¥‡à¤‚
हेपेटाइटिस बी या पीलिया रोग से निजात दिलाने में होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ बेहद कारगर है। चाइना, चेलिडोनियम, कारडà¥à¤…स, कालमेघ-कà¥à¤¯à¥‚, बà¥à¤°à¤¾à¤¯à¥‹à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾, मरà¥à¤•साल, फासफोरस, नैटà¥à¤°à¤®à¤®à¥à¤¯à¥‹à¤°, फेरममेट सà¤à¥€ 30 या 200 के पॉवर में चिकितà¥à¤¸à¤• की देखरेख में लकà¥à¤·à¤£à¤¾à¤¨à¥à¤¸à¤¾à¤° ली जा सकती हैं।
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